Showing posts with label Hindi Stories. Show all posts
Showing posts with label Hindi Stories. Show all posts

Friday, 11 January 2019

Baaton Ka Rafugar Very Funny Story In Hindi

बातों का रफूगर
कहते हैं एक बादशाह ने रफूगर रखा हुआ था, जिसका
काम कपड़ा रफू करना नहीं, बातें रफू करना था!!
۔
दरसल वो बादशाह की हर बात की कुछ ऐसी वज़ाहत करता के सुनने वाले सर धुनने लगते के वाकई बादशाह सलामत ने सही फरमाया,
एक दिन बादशाह दरबार लगाकर अपनी जवानी के शिकार की कहानी सुनाकर रियाया को मरऊब कर रहे थे,
जोश में आकर कहने लगे के एकबार तो ऐसा हुआ मैंने आधे किलोमीटर से निशाना लगाकर जो एक हिरन को तीर मारा तो तीर सनसनाता हुआ गया और हिरन की बाईं आंख में लगकर दाएं कान से होता हुआ पिछले पैर की दाईं टांग के खुर में जा लगा,
बादशाह को तवक़क़ो थी के अवाम दाद देंगे लेकिन अवाम ने कोई दाद नहीं दी,
वो बादशाह की इस बात पर यकीन करने को तैयार ही नहीं थे,
इधर बादशाह भी समझ गया ज़रूरत से ज़्यादा लम्बी छोड़ दी.. और अपने रफूगर की तरफ देखने लगा,
रफूगर उठा और कहने लगा.. हज़रात मैं इस वाक़ये का चश्मदीद गवाह हूँ,
दरसल बादशाह सलामत एक पहाड़ी के ऊपर खड़े थे हिरन काफी नीचे था,

Thursday, 10 January 2019

Moral Story Of A Genius Man and His Camels

एक गाँव में एक बुद्धिमान व्यक्ति रहता था।
उसके पास 19 ऊंट थे। एक दिन उसकी मृत्यु हो गयी। मृत्यु के पश्चात वसीयत पढ़ी गयी। जिसमें लिखा था कि:
मेरे 19 ऊंटों में से आधे मेरे बेटे को, उसका एक चौथाई मेरी बेटी को, और उसका पांचवाँ हिस्सा मेरे नौकर को दे दिए जाएँ।
सब लोग चक्कर में पड़ गए कि ये बँटवारा कैसे हो ?
19 ऊंटों का आधा अर्थात एक ऊँट काटना पड़ेगा, फिर तो ऊँट ही मर जायेगा। चलो एक को काट दिया तो बचे 18 उनका एक चौथाई साढ़े चार- साढ़े चार फिर??
सब बड़ी उलझन में थे। फिर पड़ोस के गांव से एक व्यक्ति को बुलाया गया  जो
वितिय सलहकार है,
वह  वितिय सलहकार अपने ऊँट पर चढ़ कर आया, समस्या सुनी, थोडा दिमाग लगाया, फिर बोला इन 19 ऊंटों में मेरा भी ऊँट मिलाकर बाँट दो।

Tuesday, 8 January 2019

King, Dog and Philosopher in a Boat Story in Hindi

एक बादशाह अपने कुत्ते के साथ नाव में यात्रा कर रहा था।

उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था।

कुत्ते ने कभी नौका में सफर नहीं किया था, इसलिए वह अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा था।

वह उछल-कूद कर रहा था और किसी को चैन से नहीं बैठने दे रहा था।

मल्लाह उसकी उछल-कूद से परेशान था कि ऐसी स्थिति में यात्रियों की हड़बड़ाहट से नाव डूब जाएगी।

वह भी डूबेगा और दूसरों को भी ले डूबेगा।

परन्तु कुत्ता अपने स्वभाव के कारण उछल-कूद में लगा था।

ऐसी स्थिति देखकर बादशाह भी गुस्से में था, पर कुत्ते को सुधारने का कोई उपाय उन्हें समझ में नहीं आ रहा था।

नाव में बैठे दार्शनिक से रहा नहीं गया।

वह बादशाह के पास गया और बोला : "सरकार। अगर आप इजाजत दें तो मैं इस कुत्ते को भीगी बिल्ली बना सकता हूँ।"

बादशाह ने तत्काल अनुमति दे दी।

दार्शनिक ने दो यात्रियों का सहारा लिया और उस कुत्ते को नाव से उठाकर नदी में फेंक दिया।

कुत्ता तैरता हुआ नाव के खूंटे को पकड़ने लगा।

उसको अब अपनी जान के लाले पड़ रहे थे।

कुछ देर बाद दार्शनिक ने उसे खींचकर नाव में चढ़ा लिया।

वह कुत्ता चुपके से जाकर एक कोने में बैठ गया।

नाव के यात्रियों के साथ बादशाह को भी उस कुत्ते के बदले व्यवहार पर बड़ा आश्चर्य हुआ।

बादशाह ने दार्शनिक से पूछा : "यह पहले तो उछल-कूद और हरकतें कर रहा था। अब देखो, कैसे यह पालतू बकरी की तरह बैठा है ?"

दार्शनिक बोला : "खुद तकलीफ का स्वाद चखे बिना किसी को दूसरे की विपत्ति का अहसास नहीं होता है। इस कुत्ते को जब मैंने पानी में फेंक दिया तो इसे पानी की ताकत और नाव की उपयोगिता समझ में आ गयी।"

*'भारत' में रहकर 'भारत' को गाली देने वाले जाहिलों के लिए समर्पित।*

🇮🇳 *जयहिंद  जय भारत*  🇮🇳

Thursday, 3 December 2015

Postman And A Girl - Heart Touching Emotional Story

'पोस्टमैन और एक लड़की' - एक ऐसी कहानी जिसको पढ़कर आपका दिल भी पसीज उठेगा   

     एक पोस्टमैन ने एक घर के दरवाजे पर दस्तक देते हुए कहा, "चिट्ठी ले लीजिये।"अंदर से एक बालिका की आवाज आई, "आ रही हूँ।" लेकिन तीन-चार मिनट तक कोई न आया तो पोस्टमैन ने फिर कहा, "अरे भाई! मकान में कोई है क्या, अपनी चिट्ठी ले लो। "लड़की की फिर आवाज आई, "पोस्टमैन साहब, दरवाजे के नीचे से चिट्ठी अंदर डाल दीजिए, मैं आ रही हूँ। "पोस्टमैन ने कहा, "नहीं, मैं खड़ा हूँ, रजिस्टर्ड चिट्ठी है, पावती पर तुम्हारे साइन चाहिये। "करीबन छह-सात मिनट बाद दरवाजा खुला। पोस्टमैन इस देरी के लिए झल्लाया हुआ तो था ही और उस पर चिल्लाने वाला था ही, लेकिन दरवाजा खुलते ही वह चौंक गया, सामने एक अपाहिज कन्या जिसके पांव नहीं थे, सामने खड़ी थी। पोस्टमैन चुपचाप पत्र देकर और उसके साइन लेकर चला गया।

Friday, 13 November 2015

कहानी - बुराईयों के भी अच्छे पहलु होते हैं

    किसी गाँव में एक किसान को बहुत दूर से पीने के लिए पानी भरकर लाना पड़ता था। उसके पास दो बाल्टियाँ थीं। जिन्हें वह एक डंडे के दोनों सिरों पर बांधकर, उनमें तालाब से पानी भरकर लाता था। उन दोनों बाल्टियों में से एक के तले में एक छोटा सा छेद था, जबकि दूसरी बाल्टी बहुत अच्छी हालत में थी।

    तालाब से घर तक के रास्ते में छेद वाली बाल्टी से पानी रिसता रहता था। और घर पहुँचते-पहुँचते उसमें....