🌷 पित्त से आराम पाने के लिये 🌷
🍸 पित्त की तकलीफ है तो थोडा गुनगुना नहीं तो हल्का-फुल्का ठंडा.. ज्यादा ठंडा भी न हो, गरम भी न हो ऐसा पानी जरा सा मिश्री डाल के पी लें तो पित्त में शांति होगी| नींद अच्छी आ जायेगी |
🌷 मेवों द्वारा बल व स्वास्थ्य प्राप्ति 🌷
🔴 अखरोट - १० ग्राम अखरोट को गाय के घी में भूनकर मिश्री मिला के खाने से स्मरणशक्ति तीव्र होती है व मानसिक थकावट दूर हो जाती है | २० ग्राम अखरोट, मिश्री व केसर को दूध में मिलाकर पीने से नपुंसकता में लाभ होता है |
🔴 अंजीर - इसमें लौह प्रचुर मात्रा में होने से रक्त की वृद्धि होती है | यह रक्त की शुद्धि भी करता है | इसमें निहित विटामिन ‘ए’ नेत्रज्योति की सुरक्षा करता है | अंजीर में पेट के मल को निष्कासित करने की विशेष क्षमता है | २ सूखे अंजीर रात को पानी में भिगोकर सुबह और सुबह भिगोकर शाम को खाने से पुरानी खाँसी, डीएमए, टी. बी., रक्तपित्त, पुराना गठिया रोग, बवासीर, पित्तजन्य त्वचा विकारों में लाभ होता है |
🔴 काजू - यह स्निग्ध, पौष्टिक, वायुशामक, पाचनशक्ति बढ़ानेवाला, जठराग्नि-प्रदीपक व शांतिदायक है | सुबह शहद के साथ ५ – ७ काजू खाने से दिमाग की कमजोरी मिटती है | किशमिश के साथ सेवन करने से रक्त की वृद्धि होती है | पानी में पीसकर चटनी बनाकर खाने से अजीर्ण, अफरा मिट जाता है | दूध के साथ सेवन करने से ह्रदय, मस्तिष्क व नाड़ी संस्थान को बल मिलता है |
🔴 बादाम - यह उत्कृष्ट वायुशामक व सप्तधातुवर्धक है | ५ भीगे हुए बादाम छिलके उतारकर २ – ३ काली मिर्च के साथ खूब पीस के मक्खन-मिश्री अथवा दूध के साथ सेवन करने से स्मरणशक्ति व नेत्रज्योति बढती है |
अमेरिकन बादाम बलहीन, सत्व निकाले हुए होते हैं | यदि मामरी बादाम मिल जायें तो रात का भिगोया हुआ १ बादाम सुबह दाँतों से पीसकर खाने से १० बादाम खाने की ताकत मिलती है |
बादाम का तेल नाक में डालने से मस्तिष्क को शीघ्र ही बल मिलता है, सिरदर्द भी मिट जाता है | इसका निरंतर प्रयोग हिस्टिरिया में बहुत लाभदायी है | गर्भवती स्त्री को ९वाँ महिना लगते ही १० ग्राम बादाम का तेल दूध व मिश्री के साथ देने से प्रसव सुलभ हो जाता है |
🔴 पिस्ता - सूखे मेवों में आँतों को बल प्रदान करने में पिस्ता सर्वोत्तम हैं |
💥 सावधानी - सूखे मेवों का सेवन विशेषत: सर्दियों में तथा मात्रावत करना उचित है |
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