कुर्बानी में अल्फाज का सही इस्तेमाल करें ओर "शिर्क" से बचे।
मसलन मेरे अब्बा के नाम की कुर्बानी या मेरी अम्मी के नाम की कुर्बानी
बल्की ये कहना चाहिये, मेरे अब्बा की तरफ से कुर्बानी या मेरी अम्मी की तरफ से कुर्बानी।
कुर्बानी अल्लाह के नाम पर होती है बन्दो की तरफ से।
👉इस बात को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुँचाए ताकि ईस्लाह हो।
🔹▪ जजाकअल्लाह ▪🔹
No comments:
Post a Comment