संता रेडियो लेकर खेत में पोट्टी करने जा रहा था..
बंता- रेडिओ लेकर क्यों जा रहे हो?
संता- गाना सुनते हुए मज़े से करुगा..
वापसी में..
बंता- आज तो मज़े से की होगी..
संता- खाक मज़े से की,
शुरू ही की थी के..
“जन गन मन” शुरू हो गया.. खड़े-खड़े ही करनी पड़ी..
बंता- रेडिओ लेकर क्यों जा रहे हो?
संता- गाना सुनते हुए मज़े से करुगा..
वापसी में..
बंता- आज तो मज़े से की होगी..
संता- खाक मज़े से की,
शुरू ही की थी के..
“जन गन मन” शुरू हो गया.. खड़े-खड़े ही करनी पड़ी..
देशभक्ति के इस बेमिसाल जज्बे से यदि आप प्रभावित हुए हों तो इंतज़ार किस बात का करिये फॉरवर्ड।
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